कामशक्ति केशरी – प्राचीन बाजीकरण का अद्भुत चमत्कारी योग ⭐
(नपुंसकता, कमजोरी, कामेच्छा की कमी – सबका परम्परागत इलाज) योग
👇 हर द्रव्य वही, जो सदियों से बल–वीर्य–ओज बढ़ाने में श्रेष्ठ माना गया है—
स्वर्ण भस्म — 250 मिग्रा
नाग भस्म (100 पुटी) — 1 ग्राम
हीरा भस्म — 250 मिग्रा
कज्जली — 1 ग्राम
माणिक्य भस्म — 250 मिग्रा
रजत भस्म — 1 ग्राम
पन्ना भस्म — 250 मिग्रा
अभ्रकभस्म (1000 पुटी) — 1 ग्राम
बैक्रांत पिष्टी — 250 मिग्रा
तालमखाना चूर्ण — 3 ग्राम
सालबमिश्री चूर्ण — 3 ग्राम
सोंठ चूर्ण — 3 ग्राम
लौंग चूर्ण — 3 ग्राम
जायफल चूर्ण — 3 ग्राम
केशर चूर्ण — 3 ग्राम
जावित्री चूर्ण — 3 ग्राम
भांग बीज चूर्ण — 3 ग्राम
कौंच बीज चूर्ण — 3 ग्राम
दालचीनी चूर्ण — 3 ग्राम
तेजपात चूर्ण — 3 ग्राम
छोटी इलायची चूर्ण — 3 ग्राम
अकरकरा चूर्ण — 3 ग्राम
सफेद जीरा चूर्ण — 3 ग्राम
खुरासानी अजवायन चूर्ण — 3 ग्राम
पीपल चूर्ण — 3 ग्राम
रूमी मस्तगी — 3 ग्राम
शुद्ध वत्सनाभ — 3 ग्राम
मालकांगनी चूर्ण — 3 ग्राम
शुद्ध धतूर बीज चूर्ण — 3 ग्राम
सफेद मूसली चूर्ण — 3 ग्राम
शुद्ध शिलाजीत — 3 ग्राम
ला॰ बहमन चूर्ण — 3 ग्राम
कस्तूरी असली — 1 ग्राम
⚗ निर्माण विधि (Traditional Method)
सबसे पहले कस्तूरी को शंखपुष्पी या शतावरी के 250 ml स्वरस में घोलें।
फिर सभी द्रव्यों को एक साथ खरल में लंबा घोंटें और 125 mg की गोलियाँ बना लें।
(जितना घोंटन, उतनी शक्ति—ये पुरानी परंपरा है!)
🕉 मात्रा एवं सेवन
प्रातः–सायं 1–1 गोली
मधु के साथ चटाकर गुनगुना दूध पियें।
🚀 गुण / Benefits
यह योग—
✔ उत्तम कामशक्ति-वर्धक
✔ नपुंसकता नाशक
✔ वीर्यशक्ति, धैर्य, ऊर्जा और ओज को बढ़ाने में अत्यंत प्रभावी
अत्यधिक गंभीर नपुंसकता में—
👉 कामशक्ति केशरी + वसंतकुसुमाकर रस + पौरुषदाता (1–1 गोली)
👉 भोजन के बाद अश्वगंधारिष्ट
👉 और बाह्य प्रयोग हेतु संजीवनी बाजीकरण क्रीम
यह संयोजन पुरानों का आजमाया हुआ अचूक उपाय है।
GURV.

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