ढीलापन व पूरी कड़क न होना लंबे समय से तनाव कम रहना, जल्दी ढीलापन, टाइमिंग की कमी, अल्प उत्तेजना जैसी समस्या हो तो यह पारंपरिक संयोजन बेहद लाभकारी माना गया है। एक बार के बाद दुबारा तैयार न होना
🔥 रोग संकेत: जननेन्द्रिय में अल्प तनाव
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🌿 नुस्खा सामग्री (100% आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ)
1. मूसली सफेद – 35gm
2. मूसली काली – 55gm
3. बहेमन लाल – 37gm
4. बहेमन सफेद – 37gm
5. सालम पंजा – 52gm
6. सालम मिश्री – 32gm
7. शुद्ध कोंच बीज – 35gm
8. बीज बंद – 45gm
9. पीला सतावर – 32gm
10. अश्वगंधा – 30gm
11. उंटगन बीज – 25gm
12. सालम गट्टा – 20gm
13. रूमी मस्तगी – 25gm
14. अकरकरा – 25gm
15. सिंघाड़ा गिरी – 25gm
16. विधारी कंद – 35gm
17. जायफल – 25gm
18. छोटी इलायची – 25gm
19. लौंग – 25gm
20. जावत्री – 30 gm
🧪 बनाने की विधि
✔ सभी औषधियों को कूट-पीसकर बारीक चूर्ण बना लें।
✔ प्रतिदिन रात को सोते समय 1 चम्मच चूर्ण + 1 गिलास गुनगुना दूध लें।
✔ बिल्कुल पुरानी वैद्य परंपरा वाला असर — धीरे-धीरे शक्ति, तनाव और स्थिरता में सुधार।
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⚠ परहेज़
❌ खटाई
❌ चाट-पकौड़ी
❌ चावल
(पुराने जमाने से ये परहेज़ इस नुस्खे में बेहद ज़रूरी माने गए हैं)

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