Saturday, November 29, 2025

सर्दियों में हाथों की देखभाल के घरेलु उपाय

 

 सर्दियों में हाथों की देखभाल के घरेलु उपाय

जैतून का तेल और चीनी
जैतून का तेल त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है. यदि सर्दियों में आपके हाथ भी अजीब और फटे फटे से रहते है तो 3 चम्मच जैतून के तेल में 2 चम्मच चीनी डालिये और इन्हें अच्छे से मिलाइये. मिलाने के बाद इस तेल से अपने हाथो की मालिश कीजिये! मालिश के 15 मिनट बाद इन्हें लगे रहने दे. बाद में गुनगुने पानी से अपने हाथों को साफ़ कर लें. इससे आपके हाथों की पुरानी चमक वापस आ जाएगी!

बेसन और नींबू का रस
जहाँ एक ओर बेसन स्क्रबिंग के लिए मशहूर है वही दूसरी ओर नींबू त्वचा की रंगत निखारने में मदद करता है. सर्दियों में अपने हाथों की वास्तविक सुंदरता वापस लाने के लिए आप सी उपाय का प्रयोग कर सकती है. इसके लिए 1 चम्मच बेसन, 1 चम्मच दूध की मलाई और 1 चम्मच नींबू का रस लें और इन सभी को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें. अब इस मिश्रण से अपने हाथों को अच्छे से मलें. जब ये सूखने लगे इसे रगड़ते हुए साफ़ कर दे. इसके बाद हाथों को ठन्डे पानी से धो कर उनपर थोड़ा सा जैतून का तेल लगा लें. इससे आपके हाथो की खोई नमी वापस आ जाएगी!

गुलाबजल और ग्लिसरीन
इसके अतिरिक्त एक और उपाय है जिसकी मदद से आप पाने हाथों की खोयी खूबसूरती को वापस पा सकती है. इसके लिये 4 चम्मच गुलाबजल, 3 चम्मच ग्लिसरीन और माध्यम आकार के 2 नींबू का रस एक साथ मिला लीजिये. अब इस मिश्रण को किसी बोतल में भरकर सुखी और ठंडी जगह पर रखे. जब भी बाहर जाएँ तो इससे अपने हाथों की मालिश करें. इसके अलावा रात को सोने से पहले भी अपने हाथो की इस मिश्रण से मालिश करें. सर्दियों में हाथों को मुलायम और अच्छा बनाने का ये एक बेहतर उपाय है!

दूध की मलाई
दूध और उसकी मलाई त्वचा के लिए बहुत लाभकारी होती है. इसमें मौजूद तत्व आपकी स्किन को nourish करके उसे सुन्दर बनाने में मदद करते है. सर्दियों में यदि आपके हाथ भी फटे-फटे से रहते है तो दूध की मलाई का प्रयोग करके देखे. इसके लिए रात को सोने से पूर्व हाथों पर दूध की मलाई में नींबू का रस मिलाकर उसे अपने हाथों पर लगाएं. इसके कुछ देर बाद रुई की मदद से इसे साफ़ कर लें. नियमित रूप से इस उपाय का प्रयोग करने से आपके हाथों की खोई चमक वापस आ जाएगी!

बादाम तेल
ये तेल भी त्वचा के लिए बहुत लाभकारी होता है. सर्दियों में हाथ अपनी वास्तविक नमी खो देते है जिससे वे रूखे और बेजान प्रतीत होते है. यदि आपके साथ भी यही समस्या है तो रोजाना रात सोने से पहले बादाम रोगन तेल से हाथों की मालिश करें. इससे उनमे चमक भी आएगी और वे सुन्दर भी दिखेंगे!

नींबू या आलू का छिलका
चूँकि नींबू में citric acid पाया जाता है इसीलिए ये त्वचा की रंगत निखारने में मदद करता है. इसके अलावा त्वचा के कालेपन को दूर करने के लिए भी ये एक अच्छा उपाय है. अक्सर सर्दियों में हाथों का रंग काला हो जाता है यदि आपके साथ भी यही समस्या है तो नींबू के छिलके को हाथों पर रगड़े. ऐसा करने से हाथों का रंग भी हल्का होगा और उनपर पड़े दाग़-धब्बे भी समाप्त हो जायेंगे. नींबू के स्थान पर आप आलू का भी प्रयोग कर सकती है!

चन्दन का पाउडर
दूध, गुलाबजल और चन्दन के पाउडर के मिश्रण से भी अपने हाथों की खोयी चमक को वापस पाया जा सकता है. इसके लिए इन तीनो पदार्थो को एक साथ मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें. अब इसे अपने हाथों पर लगाएं. आधा घंटे रखने के बाद इसे साफ़ पानी से धो ले. इससे आपके हाथों का कालापन दूर होगा और वे मुलायम और सुन्दर बनेंगे!

शहद
त्वचा से लेकर स्वास्थ्य सभी में शहद बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यदि आपके हाथ भी सर्दियों में बेजान और रूखे हो जाते है तो इससे छुटकारा पाने के लिए ये एक अच्छा उपाय है. इसके लिए शहद और नींबू के रस की समान मात्रा मिलाकर उन्हें अच्छे से मिला लें. अब इस मिश्रण से अपने हाथों की मालिश करें. बाद में साफ़ पानी से धो लें. आपके हाथ पहले से कहीं अधिक सुन्दर और मुलायम हो जायेंगे!🙏

 

कुछ घरेलू उपाय:-

आंवला-
किसी भी रूप में थोड़ा सा आंवला हर रोज़ खाते रहे,
जीवन भर उच्च रक्तचाप और हार्ट फेल नहीं होगा, मुररबा हो तो पानी से धुलकर खांना, वात पित्त कफ त्रिदोष संतुलित कर्ता है

मेथी दाना:-
मेथीदाना पीसकर रख ले,रात काँच के गिलास में डाल दे, और गर्म पानी भर दे, इंसमे त्रिफला भी डाल सकते है, सुबह पीना है, कफ और वात नाशक है ,इस से आंव नहीं बनेगी, शुगर कंट्रोल रहेगी और जोड़ो के दर्द नहीं होंगे और पेट ठीक रहेगा, रक्त साफ होगा एव पतला भी

नेत्र स्नान:-
मुंह में पानी का कुल्ला भर कर नेत्र धोये ,ऐसा दिन में तीन बार करे।, जब भी पानी के पास जाए,,मुंह में पानी का कुल्ला भर ले, और नेत्रों पर पानी के छींटे मारे, धोये, मुंह का पानी गर्म ना हो इसलिएबार बार कुल्ला नया भरते रहे।
इससे आरोग्य शक्ति बढ़ती हैं, नेत्र ज्योति ठीक रहती हैं।

 सरसों का तेल:-
सर्दियों में हल्का गर्म सरसों तेल और गर्मियों में ठंडा सरसों तेल तीन बूँद दोनों कान में कभी कभी डालते रहे।
इस से कान स्वस्थ रहेंगे।

निद्रा:-
दिन में जब भी विश्राम करे तो दाहिनी करवट ले कर सोएं। और रात में बायीं करवट ले कर सोये।
दाहिनी करवट लेने से बायां स्वर अर्थात चन्द्र नाड़ी चलेगी, और बायीं करवट लेने से दाहिना स्वर अर्थात सूर्य स्वर चलेगा। 

ताम्बे का पानी:-
रात को ताम्बे के बर्तन में रखा पानी सुबह उठते बिना कुल्ला किये ही पिए, निरंतर ऐसा करने से आप कई रोगो से बचे रहेंगे। ताम्बे के बर्तन में रखा जल, गंगा जल से भी अधिक शक्तिशाली माना गया हैं।

सौंठ:-
सामान्य बुखार, फ्लू, जुकाम और कफ से बचने के लिए पिसी हुयी आधा चम्मच सौंठ और ज़रा सा गुड एक गिलास पानी में इतना उबाले के आधा पानी रह जाए।
रात को सोने से पहले यह पिए।
बदलते मौसम, सर्दी व वर्षा के ,आरम्भ में यह पीना रोगो से बचाता हैं। सौंठ नहीं हो तो अदरक का
इस्तेमाल कीजिये।

टाइफाइड:-
चुटकी भर दालचीनी की फंकी चाहे अकेले ही, चाहे शहद के साथ दिन में दो बार लेने से टाइफाईड नहीं होता।

नाक:-
रात को सोते समय नित्य सरसों का तेल नाक में लगाये।
हर तीसरे दिन दो कली लहसुन रात को भोजन के साथ ले। प्रात: दस तुलसी के पत्ते और पांच काली मिर्च नित्य चबाये।
सर्दी, बुखार, श्वांस रोग नहीं होगा ,नाक स्वस्थ रहेगी।

मालिश:-
स्नान करने से आधा घंटा पहले सर के ऊपरी हिस्से में सरसों के तेल से मालिश करेइस से सर हल्का रहेगा, मस्तिष्क ताज़ा रहेगा।
रात को सोने से पहले पैर के तलवो, नाभि, कान के पीछे और गर्दन पर सरसों के तेल की मालिश कर के सोएं।
निद्रा अच्छी आएगी,मानसिक तनाव दूर होगा।त्वचा मुलायम रहेगी।
सप्ताह में एक दिन पूरे शरीर में मालिश ज़रूर करे।

हरड़
हर रोज़ एक छोटी हरड़ भोजन के बाद दाँतो तले रखे और इसका रस धीरे धीरे पेट में जाने दे। जब काफी देर बाद ये हरड़ बिलकुल नरम पड़ जाए तो चबा चबा कर निगल ले, इस से आपके बाल कभी
सफ़ेद नहीं होंगे, दांत 100 वर्ष तक निरोगी रहेंगे और पेट के रोग नहीं होंगे 

 

घरेलू उपचार

पेट दर्द 
* पोदीना, जीरा, हींग, कालीमिर्च और नमक डालकर, चटनी की तरह पीस लें । मात्रा भी चटनी जैसी ही लेनी है । इसको एक गिलास पानी में उबालकर पीने से , पेट दर्द व अपच में  लाभ होता है ।

* यदि , बच्चे के पेट में  दर्द हो तो, बेसन को पानी में , गूँठकर, गर्म करके पेट पर मल दें।

* मूंग के बराबर हींग को, गूड़ में लपेटकर, गर्म पानी से सेवन करें । गैस का पेट दर्द ठीक हो जाता है । 
* हींग को , थोडे़ से पानी में घोलकर नाभि के आसपास लेप करें । 

* हींग को , शुद्ध घी में , हल्की आंच पर भूनकर, चूर्ण बना लें। थोड़ा सा ( आधा चम्मच )  चूर्ण, एक गिलास  पानी में घोलकर, पीने से तुरंत लाभ होता है । 

* बच्चे के पेट में , दर्द होने पर, हाथ-पैर पटकता हो और बार-बार हाथ पेट की ओर ले जाता है ।मूंग के दाल बराबर हींग, मां के दूध में घोलकर पीला दें और पेट की सिकाई करें । इसके बाद राई व हींग को पीसकर, नाभि के आसपास लगाएं। बच्चे को आराम मिलता है ।

* हींग को गर्म पानी में घोलकर, नाभि के आसपास लेप करें तथा भूनी हिंग आधा ग्राम किसी भी चीज के साथ सेवन करें ।

* 2 ग्राम हींग को आधा किलो पानी में उबालें , जब पानी आधा रह जाएं तो, गर्म -गर्म सेवन करें । 

* भूनी हींग, जीरा, सौठ व सेंधा नमक मिलाकर, चौथाई चम्मच, गर्म पानी के साथ फंकी लें।

* पिसा धनिया और मिश्री पिसी हुई, पानी में घोलकर सेवन करें । 
* पेट दर्द में , दो इलायची पीसकर, शहद में मिलाकर, चाटने से लाभ होता है ।

* बच्चों के पेट में , दर्द होने पर, एक गिलास पानी में , दो चम्मच सौंफ उबाले। आधा पानी रहने पर, स्वादानुसार शहद मिलाकर सेवन करें । यदि रह-रहकर दर्द उठता हो तो, पोदीने का रस, चार चम्मच और एक चम्मच शहद मिलाकर,  सेवन कराएं। 

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