Saturday, October 30, 2021

सफ़ेद पेठा के फायदे, नुकसान और उपयोग | Benefits, Use, Side Effects of सफ़ेद पेठा Ash Gourd In Hindi

सफ़ेद पेठा के फायदे, नुकसान और उपयोग | Benefits, Use, Side Effects of Ash Gourd In Hindi:

सेहत को अच्छी करना यानि सेहत को संभालना सभी लोगों की चाह होती है। वे अपने सेहत का ध्यान रखने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार होते है। कठिन डायट से लेकर परिश्रम वाले व्यायाम तक कुछ भी करने के लिए तैयार होते है।

अपने वजन को नियंत्रण में रखने के लिए लोग उल्टा-सुल्टा काम करते है। जिससे न उनका वजन नियंत्रित होता है और न वे अपने सेहत को अच्छे कर पाते है। इससे उनकी सेहत पर और बुरा असर पड़ता है।

इसकी चाह में हम आपके लिए एक मैजिकल सुपर फ़ूड लेकर आए है जिसे Ash Gourd यानि सफ़ेद पेठा या ऐश लौकी के नाम से भी जाना जाता है। यह एक प्रकार का कद्दू है जिसे हिंदी भाषा में पेठा, सफ़ेद पेठा, रखिया, राख लौकी, सफेद कद्दू या हरा कद्दू कहा जाता है |


यह शरीर को स्वस्थ और निरोगी बनाने में काफ़ी फायदेमंद होता है। आज के लेख में हम Ash Gourd In Hindi के बारेमें जानने की कोशिश करेंगे और साथ में सफ़ेद पेठा के फायदे, नुकसान और उपयोग के बारेमें भी विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे।



तो चलिए शुरू करते है सफ़ेद पेठा के फायदे, नुकसान और उपयोग |

सफ़ेद पेठा क्या होता है | Ash Gourd In Hindi

Ash Gourd को हिंदी भाषा में सफ़ेद पेठा के नाम से भी जाना जाता है। जैसे-पेठा, सफ़ेद पेठा, रखिया, राख लौकी, सफेद कद्दू या हरा कद्दू आदि।

यह कुकुरबितासूस cucurbitaceous परिवार का सदस्य है। जिसे सबसे पहले दक्षिणी और पूर्व दक्षिणी एशियाई देशों में उगाया गया था जिसमे भारत में शामिल है। यह कद्दू जैसा दिखने वाली एक आम सब्ज्जी है जिसका रैंक ऊपर से ग्रे और अंदर सफ़ेद होता है।

इसलिए Ash Gourd In Hindi को सफ़ेद पेठा के नाम से जाना जाता है। इस सब्जी के अन्य नाम सफेद लौकी, सर्दियों के तरबूज और फजी तरबूज हैं। इस सब्ज्जी में पानी की मात्रा अधिक होती है और इसे खासतौर पर वजन कम करने के लिए उपयोग में लिया जाता है।

वैसे तो सफ़ेद पेठा में काफ़ी औषधीय गुण है जिससे हमारा शरीर निरोगी रहने में मदत होती है। यह सब्जी कई आवश्यक विटामिन और खनिजों में समृद्ध है और फास्फोरस, कैल्शियम, लोहा, राइबोफ्लेविन, थियामिन, नियासिन और विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है।

अबतक आप Ash Gourd In Hindi बारेमें जान चुके होंगे। अब हम Ash Gourd In Hindi यानि सफ़ेद पेठा के चमत्कारी फायदे और उसे कैसे इस्तेमाल करें इसके बारेमें विस्तार से जानने कोशिश करेंगे।

सफ़ेद पेठा में मौजूद पोषक तत्व | Nutritional Value of Ash Gourd In Hindi

आजकल दुनिया के साथ भारत में भी लोग अपनी सेहत का खयाल रखने के लिए प्रतिदिन कुछ न कुछ करते रहते है। जिससे वे फिट रह सके लेकिन बहुतसे लोगों को अपने डाइट में काफी परेशानी होती है।

इस परेशानी को दूर करने के लिए आप अपने डाइट में एक फ़ूड को शामिल कर सकते है जिसका नाम है सफ़ेद पेठा (Ash Gourd In Hindi). सफ़ेद पेठा के nutritional value यानि उसमे मौजूद पोषक तत्व के बारेमें जानने की कोशिश करते है।

पोषक तत्व

मात्रा प्रति 100 ग्राम

कैलोरीज

14 Kcal

कार्बोहाइड्रेट

3.39 g

प्रोटीन

0.62 g

फैट

0.02 g

फाइबर (टोटल डायट्री)

0.5 g

कोलेस्ट्रॉल

0.00 g

सोडियम

33 mg

पोटेशियम

359.1 mg

विटामिन ए

9.8%

विटामिन बी 6

11.3%

विटामिन ई

1.1%

विटामिन-सी

30.5%

कैल्शियम

5.1%

मैग्नीशियम

6.7%

फास्फोरस

5.0%

जिंक

7.2%

आयरन

5.7%

मैगनीज

12.5%

आयोडीन

5.9%

सफ़ेद पेठा के फायदे | Benefits of Ash Gourd In Hindi

सफ़ेद पेठा में मौजूद गुणकारी पोषक तत्व के कारण उसे सुपर फ़ूड भी कहा जाता है। इसलिए सफ़ेद पेठा के शरीर के लिए बहुतसे फायदे होते जिसके बारेमें लिस्ट भी बनाए जाए तब भी कम होगी।

1. वजन कम करने के लिए असरदार सफ़ेद पेठा (Benefits of Ash Gourd in Hindi for Weight loss)


जो लोग मोटापे से परेशान हैं और जो अपना वजन नियंत्रित करना चाहते हैं, उनके लिए सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) को अपनी डाइट में शामिल करना काफी फायदेमंद हो सकता है।

कई शोधों में यह पाया गया है कि सुबह के नाश्ते में सफ़ेद पेठा जूस को शामिल करने से वजन कम किया जा सकता है। सफ़ेद पेठा में पानी और फाइबर भरपूर होते हैं और फाइबर वजन घटाने में काफी फायदेमंद साबित होता है।

इसलिए रोजाना सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) का इस्तेमाल करके आप कुछ ही दिनों में अपना अतिरिक्त वजन कम कर सकते हैं और साथ ही बढ़े हुए पेट की चर्बी को भी बहुत आसानी से कम कर सकते हैं।

वजन कम करने के लिए सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) का जूस करके अच्छी तरह मिक्स करने के बाद इसका सेवन करें। साथ में आप किसी भी खाने के साथ इसका इस्तेमाल कर सकते है।

सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) को सुबह नास्ते में खाने से अतिरिक्त चरबी आसानी से कम हो सकती है। आप इसे किसी भी फल जैसे केला, अनार के साथ खा सकते है जिससे आपके शरीर में फाइबर की मात्रा अधिक होगी।

2. हृदय के स्वास्थ में असरदार सफ़ेद पेठा (Benefits of Ash Gourd in Hindi for Heart Health)


सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) हृदय के स्वास्थ बनाए रखने में असरदार होता है। सफ़ेद पेठा में कोलेस्ट्रॉल नहीं होती है और यह अपने हृदय को स्वास्थ रखने में काफी असरदार होता है।

कई रीसर्च में यह पाया गया है की सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) का रोजाना सेवन करने से हार्ट हेल्थ में काफी इजाफा होता है और हार्ट की गतिविधि नियंत्रित होती है। सफ़ेद पेठा हार्ट हेल्थ में काफी असरदार होता है।

अगर आपका दिल स्वस्थ है तो आप कई सालों तक जी सकते हैं और कई सालों तक जीने के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव करना आपके लिए बहुत जरूरी है। इसलिए आपके लिए अपने दैनिक जीवन में सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।

3. कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में असरदार सफ़ेद पेठा (Benefits of Ash Gourd in Hindi for Cholesterol Control)

सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में असरदार होता है उसकी मात्रा बहुत होती है। इसलिए कई रिसर्च में पाया गया है की जो लोग सफ़ेद पेठा का इस्तेमाल अपने डाइट में करते है उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है।

इसलिए अगर आपको कोलेस्ट्रॉल की प्रॉब्लम है यानि आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक है तो आपको आज से अपने डाइट में सफ़ेद पेठा को शामिल करना चाहिए। और सफ़ेद पेठा कोलेस्ट्रॉल फ्री होता है।

4. डायबिटीज और बीपी में असरदार सफ़ेद पेठा (Benefits of Ash Gourd in Hindi for Diabetes and Blood Pressure)


आजकल भारत में हर 10 में से एक व्यक्ति को डायबिटीज और बीपी की बीमारी होती है। बदलती जीवनशैली और खान-पान के कारण डायबिटीज और बीपी की बीमारी बहुत आम हो गई है।

अगर आप भी इस बीमारी से त्रस्त है तो आपको अपने रोजाना भोजन में सफ़ेद पेठा में शामिल करना चाहिए। क्योंकि सफ़ेद पेठा में डाइटरी फाइबर, ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है जो इन जैसे भयानक बीमारी को नियंत्रित करने उपयोगी होता है।

इसलिए अगर आपको भी स्वस्थ रहना है तो सफ़ेद पेठा को डाइट में शामिल करना चाहिए। जिससे आप इन बीमारियों से बच सके।

5. कब्ज़ से रहत पाने के लिए सफ़ेद पेठा (Benefits of Ash Gourd in Hindi for Constipation)


मनुष्य के कई रोग उसके पेट से शुरू होते हैं। इसलिए पुराने आयुर्वेद में कहा गया है कि जो व्यक्ति का पेट स्वच्छ रहता है वह रोगों से दूर रहता है। अगर आप भी सादा जीवन महसूस करना चाहते हैं तो आपके लिए जरूरी है कि आप अपना पेट साफ रखें।

इसलिए सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) पेट की समस्याओं जैसे कब्ज, पेट दर्द, भूख न लगना आदि में बहुत कारगर है। सफ़ेद पेठा में डायटरी फाइबर की मात्रा अधिक होती है और फाइबर हमारे भोजन के पाचन में महत्वपूर्ण होता है।

इसलिए सफ़ेद पेठा रोजाना इस्तेमाल करने से आप अपनी पेट की समस्या से निजात पा सकते है और एक खुशहाल जिंदगी का एहसास कर सकते है।

6. रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ने के लिए सफ़ेद पेठा (Benefits of Ash Gourd in Hindi for Strong Immunity Power)


Immunity Power यानि रोग प्रतिकारक शक्ति यह शरीर के सबसे महत्वपूर्ण शक्ति होती है जो शरीर को कई सारी बीमारियोंसे दूर रखती है। जिस मनुष्य की इम्युनिटी पावर अच्छी होती है वह कभी बीमार नहीं होता है।

इसलिए सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) का रोजाना सेवन से हमारी शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति में काफी इजाफा होता है। सफ़ेद पेठा में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते है जो एक स्ट्रांग इम्युनिटी पॉवर के लिए फायदेमंद होते है।

7. अच्छी नींद के लिए असरदार सफ़ेद पेठा (Benefits of Ash Gourd in Hindi for Quality Sleep)


आजकल बड़ो के साथ बच्चों में भी sleep disorder की बीमारी देख सकते है। ज्यादा स्ट्रेस, बदलती जीवनशैली और खानपान का ध्यान न रखने के कारण कई लोगो को नींद की समस्या होने लगी है।

एक रिसर्च में पाया गया की सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) को रोजाना खाने में शामिल करने से मानसिक समस्या जैसे sleep disorder, depression, stress, anxiety ख़त्म हो जाती है।

सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) में ट्रिप्टोफेन नाम का एक खास तत्व मौजूद होता है। जो मानसिक बीमारी से लड़ने में मदद करता है। इसलिए आपको सफ़ेद पेठा का खाने में शामिल करना चाहिए।

8. किड़नी की सेहत के लिए असरदार सफ़ेद पेठा (Benefits of Ash Gourd in Hindi for Kidney)


जिन लोगों को किडनी की बीमारी है या चाहते हैं कि उनकी किडनी पूरी तरह से ठीक हो जाए तो उन्हें सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) का इस्तेमाल करना चाहिए। यहां बता दें कि मेडिकल रिसर्च के अनुसार यह भी साबित हो चुका है कि पेठे के अंदर कुछ ऐसे एंटी-ऑक्सीडेंट और पोषक तत्व पाए जाते हैं जो किडनी के लिए अच्छे होते हैं।

9. ब्लीडिंग रोकने के लिए असरदार सफ़ेद पेठा (Benefits of Ash Gourd in Hindi for Bleeding)


पेठा एक प्राकृतिक एंटी-कौयगुलांट है और इस तरह रक्तस्राव को नियंत्रित करने में मदद करता है। हालांकि बाहरी रक्तस्राव के इलाज के लिए इसका उपयोग शायद ही कभी किया जाता है (उस समय को छोड़कर जब पत्तियों को कुचल दिया जाता है और खरोंच पर रगड़ दिया जाता है), यह सब्जी आंतरिक रक्तस्राव के लिए अद्भुत काम करती है।

10. एंटीइन्फ्लामेट्री गुण से समृद्ध सफ़ेद पेठा (Benefits of Ash Gourd in Hindi)

एनसीबीआई के एक शोध से पता चलता है कि सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) में मौजूद ओमेगा -3 फैटी एसिड एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण प्रदर्शित कर सकता है। इस गुण के कारण यह सामान्य सूजन के साथ-साथ हड्डियों और जोड़ों में सूजन के कारण होने वाले दर्द में भी राहत दे सकता है।

इसलिए आपको सफ़ेद पेठा का डेली सेवन करना चाहिए और इसे अपने डाइट में शामिल जरूर करना चाहिए।

सफ़ेद पेठा का उपयोग | Use Of Ash Gourd in Hindi

अबतक हम सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) के फायदे के बारेमें विस्तार से जान चुके है। हम जानते है की सफ़ेद पेठा का रोजाना इस्तेमाल करने से हमे और हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कितना उपयोग है।

लेकिन किया सफ़ेद पेठा शरीर और स्वास्थ के लिए तब ही उपयोग होता है जब उसका इस्तेमाल सही ढंग से किया जाए। ऐसा नहीं करने पर सफ़ेद पेठा के कुछ नुकसान भी होते है जिसके बारेमें हम आगे पढ़ेंगे।

सफ़ेद पेठाका सही ढंग से इस्तेमाल करने के लिए और इसके रेसिपी जानने के लिए इस आर्टिकल को आखिर तक पढ़े।

1. सब्जी के रूप में सफ़ेद पेठा का इस्तेमाल करें।

आप सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) का इस्तेमाल अपने रोजाना खाने में सब्जी के तौर पर कर सकते है। यह सब्जी स्वाद में अच्छी और कई सारे पोषक तत्व से भरपूर होती है। इसलिए आप इसका इस्तेमाल सब्जी के रूप में कर सकते है।

2. जूस के रूप में सफ़ेद पेठा का इस्तेमाल करें।

आप सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) को सीधा जूस के रूप में इस्तेमाल कर सकते है। आप सफ़ेद पेठा का जूस डेली सेवन करने से कई सारे बीमारी से दूर रह सकते है। सफेद पेठा के जूस को बनाने के लिए सबसे पहले पेठा के छोटे-छोटे टुकड़े कर ले।

फिर उसे मिक्सर में डालकर उसमे पर्याप्त मात्रा मेंदूध डालकर उसे पीस ले। आप चाहिए तो जूस के ऊपर चिया सीड में डाल सकते है। सफ़ेद पेठा का जूस काफ़ी स्वादिष्ट और कई सारे गुणों से भरपूर होता है।

3. बर्फी के रूप में सफ़ेद पेठा का इस्तेमाल करें।

सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) का आप बर्फी बनाकर भी सेवन कर सकते है। भारत में कई सारे लोग सफ़ेद पेठा का बर्फी के रूप में इस्तेमाल करते है। सफ़ेद पेठा से बनी बर्फी स्वाद में बहुत अच्छी होती है। जिससे आपके शरीर को कई सारे फायदे होते है।

4. हलवा के रूप में सफ़ेद पेठा का इस्तेमाल करें।

गाजर के हलवा की तरह ही सफ़ेद पेठा के भी हलवा बनाया जाता है। यह हलवा गाजर की हलवा की तरह स्वादिष्ट और शरीर के लिए फायदेमंद होता है।

5. आचार के रूप में सफ़ेद पेठा का इस्तेमाल करें।

सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) से आचार भी बनाया जाता है। भारत में कई सारे लोग सफ़ेद पेठा से बना आचार का सेवन करते है। सफ़ेद पेठा से बना आचार खाने में स्वादिष्ट और कई सारे गुणों से सपन्न होता है।

6. सलाद बनाकर सफ़ेद पेठा का इस्तेमाल करें।

आप सफेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) को अन्य फलों के साथ सलाद बनाकर भी सेवन कर सकते है। अगर आप एक वेट लॉस की जर्नी में है तो आपके लिए सफेद पेठा से बना सलाद काफ़ी फायदेमंद हो सकता है।

सफेद पेठा को सलाद के साथ सेवन करने से सलाद का मजा दुगना हो जाता है। और उसके पोषक तत्व भी बढ़ जाते है। इसलिए सफेद पेठा का सलाद के साथ सेवन करना एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है।

7. जैम बनाकर सफ़ेद पेठा का सेवन करें।

आप सफेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) का जैम बनाकर भी सेवन कर सकते है। यह पेठा को सेवन करने का अच्छा ऑप्शन माना जाता है।

सफ़ेद पेठा के नुकसान | Side Effects Of Ash Gourd in Hindi

वैसे तो सफ़ेद पेठा का सेवन करना काफ़ी फायदेमंद और अच्छा माना जाता है। और हमने इस लेख में सफ़ेद पेठा (Ash Gourd in Hindi) के कई सारे फायदे के बारेमें जाना जिससे सफ़ेद पेठा को एक सुपर फ़ूड के नाम से जाना जाता है।

लेकिन अच्छी से अच्छी चीज़ के भी नुकसान होते है। अगर किसी चीज़ को ज्यादा किया जाए तो उसके नुकसान होते है। इसलिए सफ़ेद पेठा सही ढंग से और उचित मात्रा में सेवन किया न जाए तो उसके भी नुकसान होते है।

निचे सफ़ेद पेठा के कुछ नुकसान के बारेमें बताए गया है। आप इसे पढ़कर सफ़ेद पेठा का सही इस्तेमाल सिख सकते है और अपने शरीर को स्वस्थ बना सकते है।

  • गर्भवती महिलो को सफ़ेद पेठा सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछ ले।
  • छोटे बच्चों को पेठा खिलाने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछ ले।
  • सर्दियों में इसका इस्तेमाल करने से कफ की समस्या बढ़ सकती है।
  • सफ़ेद पेठा का अधिक इस्तेमाल किया जाए तो यह पेट से जुडी समस्या हो सकती है।
  • जो लोग दमा, अस्थमा या किसी श्वास से जुडी समस्या से परेशान है तो उन लोगों को इसका इस्तेमाल सर्दियों में नहीं करना चाहिए।
  • इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से शुगर लेवल बढ़ने का खतरा होता है।

Sawaal Jawaab

1. सफेद पेठे का जूस पीने के फायदे

सफ़ेद पेठे का जूस वजन कम करने, ह्रदय संबंधी समस्या, ब्लीडिंग आदि समस्या के लिए फायदेमंद होता है।

2. पेठे के औषधीय गुण

पानी, ऊर्जा, प्रोटीन, टोटल लिपिड (फैट), कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, विटामिन, फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड, फैटी एसिड टोटल मोनो अनसैचुरेटेड

3. गर्भावस्था में पेठा खाने के फायदे

गर्भावस्था में सफ़ेद पेठे का सेवन करने से पहले आप अपने डॉक्टर को जरूर पूछ ले।

अगर आपको सफ़ेद पेठा के फायदे, नुकसान और उपयोग अच्छी तरह समज आया होगा और हम आशा करते है के आपको Benefits, Use, Side Effects of Ash Gourd In Hindi के बारेमें सारे doubts clear हुए होंगे।

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यूरिक ऐसिड

यूरिक ऐसिड  

 मानव शरीर में प्यूरिन के टूटने से यूरिक ऐसिड बनता है। यह ब्लड के सहारे किडनी तक पहुंचता है। वैसे तो यूरिक ऐसिड यूरीन के रूप में शरीर के बाहर निकल जाता है। लेकिन, कभी-कभी यह शरीर में ही रह जाता है और इसकी मात्रा बढ़ने लगती है। ऐसे में यह ऐसिड शरीर के लिए परेशानी खड़ी कर देता है। यूरिक ऐसिड की ज्यादा मात्रा से हार्ट डिजीज, हायपरटेंशन, किडनी स्टोन और गठिया जैसी बीमारियां भी हो सकती है, इसलिए यूरिक ऐसिड की मात्रा को कन्ट्रोल में रखना बेहद जरूरी है।

1- जोड़ों में दर्द होना, जोड़ों में गांठ की शिकायत होना, उठने-बैठने चलने फिरने में परेशानी का होना।

2- उंगलियों में सूजन आ जाना, या गांठ का हो जाना और दर्द करते रहना 

3 - यूरिक ऐसिड  वाले मरीज के वजन का अधिक होना जाना

4- मूत्रवर्धक दवाइयों को लेना !

5- खाद्य पदार्थों  में अधिक प्यूरीन वाले पदार्थो का सेवन करना,  शराब आदि का सेवन करना !

6- कुछ लोगों में यूरिक ऐसिड  की जन्म जात समस्या (अनुवांशिक समस्याएँ) भी होती है (Inherited Tendencies)

7- किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाना जिस के कारण किडनी काम करना कम  कर देती है !

8- कीमो थैरिपि जैसे ट्रीटमेंट लेने के कारण,  जिस के कारण शरीर में मृत कोशिकाओं की बढ़ोत्तरी हो जाती है।

9 - पैरों और हाथों की उंगलियों में चुभन के साथ साथ दर्द होने लगता है जो कई बार तो बहुत ही असहनीय हो जाता है। 

10- जल्दी जल्दी थकावट हो जाना । इसलिए इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करें।

 
यह एक कार्बनिक यौगिक है जो ऑक्सीजन, नाईट्रोजन और हाईड्रोजन,  आदि  तत्वों के मिलने से बनता है।  यूरिक एसिड हमारे शरीर में बनने वाले  एक कैमिकल से उत्पन होता है, जो शरीर में बनने के साथ-साथ ही भोजन के द्वारा भी हमारे शरीर में प्रवेश करता है।

यूरिक ऐसिड रक्त के द्वारा हमारी  किडनियों तक पहुँच जाता है, किडनी इसका शरीर की जरूरत के हिसाब से संतुलन बनाने के बाद जरूरत से अधिक एसिड को पेशाब के साथ बाहर निकाल देती हैं। इसका आणविक सूत्र C5H4N4O3 है, और आणविक वजन 168 डालटन है।


यूरिक ऐसिड को नॉर्मल रखने के लिए किस किस वस्तु सेवन करें !

1- पानी यूरिक ऐसिड को पतला रखता है और किडनी को उत्तेजित करता है जिससे शरीर का यूरिक ऐसिड मूत्र के द्वारा शरीर से बाहर निकल जाता है। और यह यूरिक ऐसिड को कन्ट्रोल में रखने का सबसे अच्छा उपाय माना जाता है । 



2- सेब का सिरका Blood के पीएच वॉल्यूम को बढ़ाकर यूरिक ऐसिड को कम करने में मदद करता है।  सेब का सिरका शरीर से यूरिक ऐसिड को निकलने में मदद करता हैं। एंटीइंफ्लेमेंटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण सेब का सिरका क्षारीय ऐसिड को संतुलित बनाए रखता है।


3- अल्फा-अल्फा में कई तरह के विटामिन होते हैं, लेकिन यह सीरम यूरिक ऐसिड के स्तर को कम करने में मदद करता हैं। इसके अलावा इसमें  पॉवरफुल अल्कलीजिंग गुण भी है, जो पी एच स्तर में वृद्धि कर यूरिक ऐसिड क्रिस्टल को शरीर से दूर करता है। जिस से इंसान का यूरिक ऐसिड नार्मल रहता है !

4-  ब्लैक चेरी यूरिक ऐसिड के सीरम स्तर को घटा कर जोड़ों और किडनी से क्रिस्टल को दूर करने में सहायता  करता है। जिस में  ऐंटीऑक्सीडेंट और ऐंटी इंफ्लेमेंटरी गुण विद्यमान होते हैं, जो यूरिक ऐसिड को कम करने में सहायता करते हैं। चेरी का जूस और  ब्लैक चेरी यूरिक ऐसिड से होने वाली गठिया या किडनी स्टोन की समस्या बहुत ही कारगर है।

5- यूरिक ऐसिड का लेवल कम करने के लिए जैतून के तेल में बना आहार शरीर के लिए बेहद लाभदायक होता है। इसमें विटमिन ई की भरपूर मात्रा में पाई  जाती है !


6-  यूरिक ऐसिड को नॉर्मल रखने के लिए मटर, मशरूम, और हरी पत्तेदार सब्जियां ज्यादा से ज्यादा ।


7- मसूर की दाल, बीन्स, सोयाबीन और टोफू आदि यूरिक ऐसिड को कम करते हैं।
खानी चाहिए ! 


8- ब्राउन राइस, ओट्स तथा जौ के द्वारा भी यूरिक ऐसिड को नियंत्रित किया जा सकता है।

9- बेकिंग सोडा शरीर में प्राकृतिक अल्कलाइन स्तर को बनाए रखता है और यूरिक ऐसिड को और अधिक घुलनशील बना देता है, जिससे यूरिक ऐसिड किडनी द्वारा आसानी से बाहर हो जाता है। बेकिंग सोडा (बाइकार्बोनेट ऑफ़ सोडा) यूरिक ऐसिड के  स्तर कम करने के लिए बेहतरीन उपाय है।  हाई ब्लड प्रशर के मरीजों को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

10- हर रोज सुबह उठते  ही सबसे पहले गर्म पानी में नींबू का रस डाल  कर लेना चाहिए। नींबू में पाया जाने वाला साइट्रिक,  यूरिक ऐसिड को खत्म करता है।

11-अजवाइन में दर्द दूर करने वाले ऐंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसलिए यह पेशाब से संबंधित विकार को दूर करने में मदद करती है। सप्ताह में दो से तीन बार अजवाइन जरुर लेनी चाहिए  स्वस्थ इंसान भी इसे लेता रहे तो अच्छा रहता है !


12- ज्यादा  फैट वाले  प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल ना करें,  कम फैट वाला दूध और डेयरी प्रॉडक्ट्स यूरिक ऐसिड को कम करते हैं।

13- फाइबर युक्त पदार्थ जैसे मक्का, सूखे मेवे इत्यादि से भी यूरिक ऐसिड को कन्ट्रोल में रखा जा सकता है। इसके लिए आप
14- लौकी के जूस से भी यूरिक ऐसिड कम होता है।


15- ऐंटी ऑक्सिडेंट से भरपूर चीजें जैसे अंगूर, लाल शिमला मिर्च इत्यादि का सेवन करने से भी यूरिक ऐसिड को कम किया जा सकता है।स्नेहा आयूर्वेद ग्रुप

16-गाजर और चुकंदर का जूस पीने से भी शरीर में पीएच लेवल बढ़ता है और यूरिक ऐसिड कम होता है।

17- विटामिन सी वाले फल जैसे आंवला, अमरूद इत्यादि खाने से भी यूरिक ऐसिड कम होता है।

18- ब्रोकली में फाइबर और विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। इसका सेवन करने से यूरिक ऐसिड को कन्ट्रोल में रखा जा सकता है।

19- रोजाना नारियल पानी पीने से भी यूरिक ऐसिड कम होता है।

20- एलोवेरा जूस में आंवले का रस मिलाकर पीने से यूरिक ऐसिड नॉर्मल रहता है

महिलाओं और पुरुषों के सामान्य यूरिक एसिड के मानक भिन्न हैं, सामान्य तौर पर अगर मरीज के यूरिक एसिड का स्तर इन मानकों से ऊपर है तो उसके लिए विशेषज्ञ से जरूर मिलें-

  • महिलाओं के लिए, यह 6 mg / dL से अधिक है
  • पुरुषों के लिए, यह 7 mg / dL से अधिक है

 

Saturday, May 22, 2021

'ब्लैक फंगस/ 'Black Fungus'


ब्लैक फंगस/ 'Black Fungus'  का आयुर्वेदिक उपचार!
साधारण से ये आयुर्वेदिक उपाय विश्वास नहीं होने पर भी करें क्योंकि इनसे नुकसान तो होगा नहीं, ठीक अवश्य हो जायेंगे!

Saturday, May 15, 2021

एसिडिटी क्या, क्यों और कैसे / Acidity what, why and how

 हमारे भोजन करने के बाद जब भोजन पेट के अंदर पाचन तंत्र में पहुंचता हैं तब इस भोजन को पचाने के लिए एक “Acid” बनता हैं, जो की पेट में भोजन को पचाने का काम करता हैं. जब यह Acid पेट में जरुरत से ज्यादा बनने लगे तो acidity व पेट में जलन (Heart Burning) सी मालुम होने लगती हैं. जब हम भोजन को Unnaturally करते हैं तो हमारा Digestive System इसको पचाने के लिए सही तरीके से काम नहीं कर पाता और वह Out of Control हो जाता है जिस वजह से यह Acid जरुरत से ज्यादा बन जाता हैं ! जिसे एसिडिटी कहा जाता है !
After our meal, when the food reaches the digestive system inside the stomach, then an "acid" is formed to digest this food, which works to digest the food in the stomach.  When this acid starts to become more than necessary in the stomach, then acidity and heart burning begin to become known.  When we eat food unnaturally, our Digestive system is not able to work properly to digest it and it becomes Out of Control due to which this acid becomes more than necessary!  Which is called acidity!

एसिडिटी के लिए घरेलु उपचार 

भोजन को पचाने वाले इस Acid की भूमिका  यह acid Vitamin B12 को Absorb करता है. और यह Vitamin हमारे Brain और Nervous System को properly function करने में मदद करता हैं.

1- यह Acid हमारे पेट में मौजूद जानलेवा bacteria को ख़त्म करने में मदद करता हैं.

2- Pepsin enzymes को सक्रीय करता है जो की digestion process में मदद करता है.

3- यह एसिड भोजन को पचाने वाले अंगो को सक्रिय करता है.

4- Intestines को भोजन में से nutrients absorb करने में मदद करता हैं

 
 Home remedies for acidity

 The role of this acid digesting food is that acid absorbs Vitamin B12.  And this vitamin helps our Brain and Nervous System to function properly.

 1- This acid helps in killing the deadly bacteria present in our stomach.
 2- Pepsin activates enzymes that help in the digestion process.
 3- This acid activates the organs that digest food.
 4.Intestines help to absorb nutrients from food.


एसिडिटी के कारण

1- चाय और कॉफ पिने से एसिडिटी होती है. (खासकर भूखे पेट होने पर कभी भी चाय कॉफ़ी न पिए)
2- Smoking करने से भी Acidity होती हैं.
3- ज्यादा और अनियमित चटपटा मसाले वाला भोजन करना
4- भूख लगने पर भोजन नहीं करना, ज्यादा देर तक भूखे रहना.
5- दिन में कभी भी कुछ भी खाना
6- खाना खाने के बाद तुरंत सो जाना
7- तैलीय चीजें oily foods खाना आदि Acidity के reason होते है.
8- कम पानी पिने से
9- टमाटर और चावल न खाये

 Due to acidity

 1- Tea and coffee drink cause acidity.  (Never drink tea coffee, especially when you have a hungry stomach)
 2- Smoking also causes acidity.
 3- Eating more spicy and spicy food
 4- Don't eat food when you are hungry, stay hungry for a long time.
 5- Eat anything anytime of the day
 6- Sleeping immediately after eating food
 7- Eating oily foods etc. are the reason for acidity.
 8 - Drinking less water
 9 - Do not eat tomatoes and rice

 

एसिडिटी के लक्षण

1- पेट में जलन सा मालूम होना

2- जी मचलना

3- खट्टी और कड़वी डकारे आने लगना

4- कब्ज की समस्या होना

5- गैस की समस्या होना

6- उलटी करने जैसे मन होना

7- सर दर्द और पेट में अजीब सा महसूस होना

8- Heart में जलन होने लगना

Symptoms of acidity

 1- Burning sensation in stomach

 2-G

 3- Sour and bitter bursts

 4- Constipation problem

 5- Having gas problems

 6- Mind to vomit

 7- Headache and strange feeling in stomach

 8- Heartburn

 
घरेलु उपाय एसिडिटी पेट में जलन के /  Home remedy acidity of stomach irritation

1- केला

 केले में Potassium भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो की हमारे पेट में Acid Production को Control में रखता है! केले में और भी बहुत से ऐसे पदार्थ होते हैं जो की पाचन तंत्र से सम्बंधित शिकायतों दूर करने में मदद करते हैं! इसमे में Fiber भी भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं जो की Digestion Process को मजबूत बनाता हैं ! जब भी आपको एसिडिटी की शिकायत होने लगे तो केले से एसिडिटी का उपयोग कर सकते हैं !

1- Banana
  Potassium is found in plenty in bananas, which keeps acid production under control in our stomach!  Bananas contain many other substances that help to overcome complaints related to the digestive system!  Fiber is also found in plenty in it, which makes the Digestion Process strong!  Whenever you start complaining of acidity, you can use acidity from banana!

2- तुलसी

Acidity होने पर 5-6 तुलसी के पत्तों को अच्छे से चबा-चबा कर खाये व चूसें, तुलसी का यह प्रयोग बहुत आसान और मददगार हैं!
2- Basil
When you have acidity, chew and suck 5-6 basil leaves properly, this use of basil is very easy and helpful!

 

3- इलाइची
इलाइची कफ, पित्त, वात दोष को को ख़त्म करने के लिए बहुत प्रसिद्द हैं. Acidity से राहत पाने के लिए 2 इलाइची को लेकर उनके दाने निकाल लें फिर इन्हे पानी में डालकर अच्छे से उबाल लें. इसके ठन्डे हो जाने पर जब भी पेट व सीने में जलन महसूस हो तो इलाइची के इस ड्रिंक को पिए इसको पिने से तुरंत आराम मिलता है !
3 - Cardamom
 Cardamom is very famous for eliminating phlegm, Pitta, Vata dosha.  To get relief from acidity, take 2 cardamoms and take them out, then add them to the water and boil them properly.  Drink this cardamom drink whenever it feels cold in the stomach and chest when it gets cold. Drinking it gives instant relief!


4- एलोवेरा
एसिडिटी के लिए सबसे अच्छा उपाय होता है एलोवेरा, आप खाना खाने से पहले ही 4 चम्मच Aloevera का juice पीजिये. और ज्यादा Problem होती हो तो खाना खाने के आधे घंटे बाद भी 4 चम्मच Aloevera Juice पी लीजिए ! Aloevera का Juice पिने से Acidity Permanent ठीक हो जाती हैं. (Acidity से हमेशा के लिए छुटकारा पाने का घरेलु उपाय . (इसे जरूर Try करे)
4- Aloevera
 Aloe vera is the best remedy for acidity, drink 4 teaspoons of Aloevera juice before meals.  If there is more problem, then drink 4 teaspoonfuls of Aloevera Juice even after half an hour of eating!  Acidity Permanent is cured by drinking Juice of Aloevera.  (Home remedy to get rid of acidity forever. (Try it of course)

5- लौंग
लौंग में ऐसे रासायनिक तत्त्व होते है जो की पाचन तंत्र को साफ़ बनाये रखते हैं अगर आप एसिडिटी से ग्रसित है तो एक दो लौंग को मुंह में रखकर चबाये और चूसै जब इसमे से Juice निकलने लगे तो उसे पेट में उतार लें, लौंग का पेट की जलन के लिए बहुत उपयोगी है , यह उपाय पेट से सम्बंधित होने वाली सभी समस्याओं जैसे उलटी, जी मिचलाना आदि को तुरंत ख़त्म कर देता है!
5- Cloves
 Clove contains chemical elements that keep the digestive system clean. If you are suffering from acidity, then chew one of the two cloves in the mouth and suck it when the juices start coming out of it, then take it off in the stomach, clove of the stomach.  Very useful for burning sensation, this remedy eliminates all stomach related problems like vomiting, nausea etc.


6- आँवला

आँवला जो की कफ और पित्त की शिकायत को ख़त्म करता है इसमे Vitamin C भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसके सेवन से पेट के सभी अंग स्वस्थ बनते हैं. यह एसिडिटी को भी नियंत्रित करता हैं.
रोजाना दिन में दो बार आँवला के Powder का सेवन करे !

6- Amla
Amla, which eliminates phlegm and bile complaints, vitamin C is found in plenty in it, all the organs of the stomach are made healthy by its consumption.  It also controls acidity.
Drink Amla powder twice daily


7- दूध

दूध में Calcium भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं और Calcium Acid को Out of Control होने से रोकता हैं यह दूध Acidity की जलन से तुरंत राहत दिलाता है.पेट की आंतों को शांत करता है जिससे शरीर में जलन बंद हो जाती हैं, इसके लिए यह जरुरी हैं की दूध ठंडा हो और उसमे किसी भी तरह का कोई Powder, Sugar आदि न मिली हो. आप इस दूध में थोड़ा शुद्ध घी भी मिला सकते हैं. ऐसा करने से यह और ज्यादा असरदार हो जायेगा !

7- Milk

Calcium is found in plenty in milk and prevents Calcium Acid from being out of control. This milk gives immediate relief from the burning sensation of acidity. Calms the intestines of the stomach, which stops burning sensation in the body, its  It is important that the milk is cold and no powder, sugar etc. is found in it.  You can also add some pure ghee to this milk.  By doing this it will become more effective!

बहुत से लोगों को सोते वक्त पेट में जलन होती हैं. यह जलन गलत तरफ सोने से होती हैं. नींद में सोते वक्त होने वाली पेट में जलन से बचने के लिए हमेशा Left side में सोये. इस दिशा में सोने से जलन बिलकुल नहीं होगी और याद रखें  Right Side में तो कभी भी  ना सोये!

Many people have a burning sensation in the stomach while sleeping.  This burning sensation is caused by sleeping on the wrong side.  Always sleep on the left side to avoid stomach irritation occurring while sleeping.  Sleep in this direction will not be jealous at all and remember, never sleep in the Right Side!

8- जीरा
Ayurveda Scientist के मुताबिक जीरे में पेट की Nerve में होने वाली हलचल (Irritation) और अल्सर को Relax करने के लिए बहुत असरदार होता है, जीरे में ऐसे असरदार पदार्थ पाए जाते हैं जो की Digestion Process को Boost करते हैं, Metabolism को Improve करते है और गैस, कब्ज, Gastric Problems से छुटकारा दिलाते हैं.
जीरा खट्टी डकारे को आने से रोकता हैं.जब भी Acidity होने लगे तो जीरे के कुछ दाने को चबाकर चूसें या फिर जीरे के कुछ दानो को पानी में अच्छे से उबालकर रख लें फिर जब भी Acidity होने लगे तो इसको पिए. ऐसा करने से Acidity तुरंत शांत हो जायेगी !
8- Cumin seeds
 According to Ayurveda Scientist, cumin is very effective in relieving the irritation and ulcers in the stomach's nerve, cumin contains such effective substances that boost the Digestion Process, Improve Metabolism.  And relieve gas, constipation, gastric problems.
 Cumin seeds prevent sour belching. Whenever there is acidity, chew some cumin seeds or boil some seeds of cumin in water and then drink it whenever it starts getting acidity.  By doing this, the acidity will calm down immediately!

9- गुड
रोजाना सुबह व शाम खाना खाने के बाद 10 ग्राम गुड़ खाइये . एसिडिटी के लिए यह 1 ही मिनट  का उपचार एसिडिटी के इलाज के लिए बहुत असरदार होता है !

9- Jaggery
 Eat 10 grams of jaggery every day after eating food in the morning and evening.  This 1 minute treatment for acidity is very effective for treating acidity!


10- सौंफ
यह पाचन तंत्र और कब्ज, गैस की शिकायत को भी दूर करता है, इसमे भरपूर मात्रा में Potent Anti-Ulcer Properties होती है जो Acidity को शांत करती हैं, एसिडिटी के दौरान शरीर में होने वाली जलन को तुरंत ख़त्म करने में मदद करती है ! सौंफ के कुछ दानो को चबाकर चूसने से भी Acidity में राहत मिलती हैं. इसके साथ ही सौंफ का एसिडिटी के लिए खास घरेलु उपचार आप घर पर भी बना सकते है –

सौंफ के कुछ दानो को पानी में अच्छे से उबाल लें और फिर इसे रात भर ऐसे ही छोड़ दें, फिर सौंफ के इस उबले हुए पानी को जब भी आपको पेट में जलन महसूस होने लगे तब पिए. यह Drink एसिडिटी से आप को तुरंत राहत दिलाएगी !
10 - fennel
 It also removes digestive system and constipation, gas complaints, it has a lot of Potent Anti-Ulcer properties which calms the acidity, helps in quickly ending the burning sensation in the body during acidity!  Chewing some seeds of fennel also helps in relieving acidity.  In addition, you can also make special home remedies for fennel acidity -

 Boil some seeds of fennel properly in water and then leave it overnight, then drink this boiled water of fennel whenever you feel a burning sensation in your stomach.  This Drink will give you instant relief from acidity!

आसान घरेलु उपचार / Easy home remedies

1- नमक का पानी
जब भी पेट में जलन होने लगे तो एक ग्लास पानी में थोड़ा सा नमक डालकर अच्छे से घोल लें, और फिर इसे धीरे-धीरे Drink करे. नमक का पानी Acidity बहुत अच्छा उपाय है ! 

1- Salt water
 Whenever there is a burning sensation in the stomach, add a little salt in a glass of water and dissolve it properly, and then drink it slowly.  Salt water acidity is a very good remedy!


2- नारियल पानी
नारियल पानी भी बहुत उपयोगी Drink होता है, क्योंकि यह भोजन को पचाने वाले Acid को Control में बनाये रखता है !
 2- Coconut water
 Coconut water is also a very useful drink, because it keeps the acid digesting the food under control!


3- खीरा और तरबूज
खीरा और तरबूज से भी Acidityका उपचार  बड़ी आसानी से किया जाता हैं. क्योंकि खीरा और तरबूज में 80 % से ज्यादा पानी पाया जाता हैं जो की शरीर में पानी की कमी को तुरंत दूर करता है और पेट की समस्याओं से राहत दिलाता हैं !
3- Cucumber and Watermelon
 Acidity is also easily treated with cucumber and watermelon.  Because more than 80% water is found in cucumber and watermelon, which immediately removes the lack of water in the body and gives relief from stomach problems!

4 - Pineapple जूस

जब भी आपको एसिडिटी महसूस होने लगे तो एक ग्लास Pineapple जूस का सेवन करे, एसिडिटी का यह  प्रयोग  उपयोगी है ! ये पेट में जलन से तुरंत राहत दिलाएगा और भोजन को पचाने में भी मदद करेगा. (एसिडिटी के इलाज के लिए का उपयोग खाना खाने के बाद करे तो ज्यादा फायदेमंद होता है !.

 4 - Pineapple Juice
 Whenever you start feeling acidity then take a glass of pineapple juice, this use of acidity is useful!  This will give immediate relief from burning sensation in the stomach and will also help in digesting food.  (Use for the treatment of acidity after eating food is more beneficial!

5- Orange जूस

पेट में जलन, जी मचलना, उलटी होना आदि पेट की समस्याओं का उपचार करने के लिए Orange जूस बहुत उपयोगी होता हैं इसका सेवन भोजन करने के बाद करे, यह प्राकृतिक उपाय एसिडिटी को होने ही नहीं देगा
5- Orange juice
Orange juice is very useful for the treatment of stomach problems, burning sensation in the stomach, nausea, vomiting, etc. It should be taken after meals, this natural remedy will not allow the acidity to occur.


6 - व्रत उपवास करे
व्रत उपवास करने से  एसिडिटी व पेट की पाचन शक्ति से जुडी सभी समस्याओं से राहत पाई जा सकती हैं. इसके लिए सप्ताह में 1-2 दिन Fasting करे. (Fasting के बिच सिर्फ Fruits और Fruits जूस का सेवन करे !
6 - Fasting fast
 Fasting can be relieved by all the problems related to acidity and digestive power of the stomach.  For this, fasting 1-2 days a week.  (Just eat Fruits and Fruits Juice while fasting!

7- किशमिश
रात को सोते समय 10 ग्राम किशमिश पानी में भिगोकर रख दें और फिर सुबह उठकर इसका सेवन करे बहुत कारगर है !
7- Raisins
 Soak 10 grams of raisins in water at night and then wake it up in the morning and consume it is very effective!


8- तांबे का पानी
एक तांबे के बड़े कप या बड़े बर्तन जिसमे 2-3 ग्लास पानी भरा जा सके, इसको रात में सोने से पहले अपने Bed के पास में रखकर सोये और सुबह उठने के तुरंत बाद  यह सारा पानी पी लें !
8- copper water
Put a large cup of copper or a big pot in which 2-3 glasses of water can be filled, put it near your bed before sleeping at night and drink all this water immediately after waking up in the morning!


9- दही
रोजाना खाना खाने के बाद एक कप दही या लस्सी का सेवन करे, इनका सेवन एसिडिटी की जलन और पेट से जुडी सभी समस्याओं में राहत दिलाता हैं.(Ancient Remedy यह एसिडिटी का आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे में से एक है) आज भी इसका प्रचलन बहुत से ढाबो में किया जाता है, यहां खाना खाने के बाद एक कटोरी में दही दिया जाता है. क्योंकि यह पेट से जुडी सभी समस्याओं के लिए रामबाण से कम नहीं होता !
9- Yogurt
 Drink a cup of yogurt or lassi after eating every day, it relieves acidity and all stomach problems. (Ancient Remedy It is one of the Ayurvedic home remedies of acidity). It is still prevalent today  It is done in dhabas, after eating the food, curd is given in a bowl.  Because it is not less than a panacea for all stomach related problems!


10- दही का सेवन रात के समय न करे, अगर आप रात का भोजन सूर्यास्त होने से पहले कर लेते हैं तो ही दही का सेवन करे, अन्यथा सूर्य ढलने के बाद दही का सेवन नुकसानदायक होता हैं.
10- Do not consume curd at night, if you eat dinner before sunset, then only curd should be consumed, otherwise curd is harmful after the sun sets.

 
11 - खाने को हमेशा अच्छे से चबा-चबा कर खाये!

11 - Always chew the food and eat it

12- पपीता, गाजर, पत्तागोभी, केले, सेब, पाइनएप्पल का जूस  एसिडिटी के लिए देसी उपचार के लिए आसान उपाय माने जाते हैं
 12- Papaya, carrot, cabbage, banana, apple, pineapple juice are considered easy remedies for indigenous treatment for acidity

13- Acidity की जलन से राहत पाने के लिए रोजाना दिन में किसी भी समय निम्बू की शिकंजी का सेवन करे.
13- To get relief from burning sensation of acidity, consume lemon juice at any time of the day.

 
14- वह लोग जो की एक जगह बैठ कर सारे दिन काम करते हैं ज्यादातर ऐसे लोगों को ही एसिडिटी की शिकायत हो जाती है इसके लिए आपको अपने Office में नारियल पानी, निम्बू की शिकंजी आदि Fruits जूस का सेवन करना चाहिए.
14- Those people who work all day sitting in one place, most of such people are complaining of acidity, for this, you should consume coconut water, lemon juice etc. Fruits juice in your office.

15- एसिडिटी से तुरंत छुटकारा पाने के लिए बेकिंग सोडा को एक ग्लास पानी में मिलकर पिए, इसके सेवन से तुरंत आराम मिलेगा !
 15- To get rid of acidity immediately, drink baking soda mixed in a glass of water, its intake will give instant relief!


16- रात के समय त्रिफला चूर्ण और शहद का सेवन करने से भी एसिडिटी में आराम मिलता हैं !
16- Consuming Triphala powder and honey at night also gives relief in acidity!

 
17- थोड़े से अजवाइन को एक ग्लास पानी में मिलाकर पिने से भी acidityकी जलन बंद हो जाती है !

17- Mix a little celery in a glass of water and drink it stops burning sensation of acidity!


एसिडिटी के लिए योगा किया करें

अगर आपके पास सुबह 10 minute का समय हो तो आपको एसिडिटी के लिए योग जरूर करना चाहिए. योगासन और प्राणायाम के जरिये एसिडिटी का उपचार बड़ी आसानी से हो सकता है. इसके साथ योगासन से आप शरीर को निर्गुण, स्वस्थ और शरीर का योवन सदा बनाये रख सकते हैं.
Do yoga for acidity
 If you have time for 10 minutes in the morning, then you must do yoga for acidity.  Treatment of acidity can be done very easily through yoga and pranayama.  With this Yogasan, you can keep the body healthy, healthy and your body forever.


सबसे जरुरी बात भोजन हमेशा  निश्चित  समय पर ले 1 साथ भरपेट ना ले दिन मे 6 समय थोडा थोडा ले पानी कम से कम 8 गिलास हर रोज  पिये ओर 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें !

The most important thing is to always take food at a fixed time, do not fill it well. Take a little water at least 8 glasses every day and sleep for 7 to 8 hours every day!

Saturday, May 1, 2021

Lung CURE / फेफड़े का इलाज


आज हर किसी से ये ही बात सुनने में आ रहा है की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गयी है लेकिन सत्यता ये है की ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं हो रही है ,  लोगों के फेफड़े कमजोर हो रहे है जिस से कारण फेफड़े काम करना कम या बंद कर देते है जिस से हमें लगता है की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गई !

इस समस्या को देखते हुए फेफड़ो से सम्बंधित पोस्ट लिखी तकि हर कोई लाभ ले सकें !

Today it is being heard from everyone that there is a death due to lack of oxygen, but the truth is that there is no death due to lack of oxygen, the lungs of people are getting weaker due to which the lungs work less Or we stop, because of which we think that we died due to lack of oxygen!

Seeing this problem, I wrote a post related to lungs so that everyone can take advantage!

1- विटामिन सी से भरपूर भोजन लें                                                  Lung CURE / फेफड़े का इलाज

विटामिन सी' से भरपूर आहार में एंटीऑक्सीडेंट होते है, जो सांस लेने के बाद ऑक्सीजन को सभी अंगों तक पहुंचाने में मदद करते है। इसलिए अपनी दिनचर्या में खट्टे फल जैसे- संतरा, नींबू, टमाटर, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, अनानास, आम आदि में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है।वो लेना शुरू कर दें 'विटामिन सी' से भरपूर आहार का सेवन करने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।
1- Take food rich in Vitamin C
A diet rich in vitamin C contains antioxidants, which help in transporting oxygen to all organs after breathing. Therefore, in your daily routine, citrus fruits like oranges, lemons, tomatoes, kiwis, strawberries, grapes, pineapples, mangoes, etc., are rich in vitamin C. Start eating foods rich in vitamin C. The toxins present in it are released.
 
2- लहसुन का सेवन करें 
लहसुन  का सेवन हर घर में होता है और ये लहसुन  हमारे लिए बहुत उपयोगी है -लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो संक्रमण से लड़ते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। लहसुन का सेवन कफ को खत्म करने में सहायक होता है और अगर खाना खाने के बाद लहसुन खाया जाए तो ये छाती को साफ रखता है। 
2- Eat garlic
Garlic is consumed in every household and this garlic is very useful for us - Garlic has antioxidants that fight infection and increase the body's immunity. Consuming garlic helps to eliminate phlegm and if garlic is eaten after eating, it keeps the chest clean.

3- लाइकोपेन युक्त भोजन का सेवन करें
 लाइकोपेन युक्त आहार का प्रयोग करें जैसे टमाटर, गाजर, तरबूज, पपीता, शकरकंद और हरी सब्जियां। इस तरह के आहार में कैरोटीनॉयड एंटीऑक्सीडेंट होता है जो अस्थमा से बचाने में भी सहायक होता है, साथ ही इन्हें खाने से फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम होता है।
3- Eat foods containing lycopene
 Use a diet containing lycopene such as tomatoes, carrots, watermelon, papaya, sweet potato and green vegetables. This type of diet contains carotenoid antioxidants which are also helpful in protecting against asthma, as well as eating them reduces the risk of lung cancer.
 
4- मुनक्का का सेवन-
मुनक्का  का प्रयोग फेफड़ो के लिए बहुत उपयोगी है रोजाना भिगे हुए मुनक्का का सेवन करने से भी फेफड़े मजबूत होते हैं और बीमारियों से लड़ने की उनकी क्षमता बढ़ती है।
4 - Consumption of dry grapes -
The use of dry grapes is very useful for the lungs. Consuming dry grapes every day also strengthens the lungs and increases their ability to fight against diseases.
 
5- तुलसी की पत्तियों का सेवन:

अगर फेफड़ों में कफ जमा हो तो इसे खत्म करने के लिए तुलसी के सूखे पत्ते, कत्थान, कपूर और इलायची को बराबर मात्रा में पीस लें। अब इसमें नौ गुना चीनी मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को चुटकी भर दिन में दो बार खाएं। इससे फेफड़ों में जमा कफ खत्म होने में मदद मिलती है।

5- Tulsi leaves consumed
If phlegm accumulates in the lungs, grind it in equal quantity to dry basil leaves, cuttan, camphor and cardamom. Now add nine times the sugar and grind it. Eat this mixture twice a day for a pinch. This helps to eliminate phlegm accumulated in the lungs
.

 

6- फेंफडो मे कफ ना जमां हो उसके लिए
छाती पर सरसो के तैल की मालीश करे । कफ होने पर तैल के हल्का गर्म करके मालीश सुबह शाम करे ।  

6- For the fangdo do not have any phlegm
Sour the oil of mustard on the chest. Malish should be heated in the morning by heating the oil lightly when there is phlegm.


7- लहसुन और प्याज
लहसुन और प्याज दोनों ही ऐसी सब्जियां हैं, जिन्हें खाने के बाद सांसों से दुर्गंध आती है। लेकिन जरूरी बात यह है कि सांसों को दुर्गंध से भरनेवाली ये सब्जियां हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ाती हैं साथ ही हमारे फेफड़ों यानी लंग्स को मजबूत भी बनाती हैं। प्याज और लहसुन ऐंटीऑक्सीडेंट्स और ऐंटीफंगल एस्ट्रिजेंट के रूप में काम करते हैं। जो फेफड़ों में सांस के जरिए पहुंची पलूशन पार्टिकल्स, डस्ट पार्टिकल्स औ बैक्टीरिया आदि को जमा नहीं होने देते। इससे लंग्स साफ और सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।

7- Garlic and Onion
Both garlic and onion are vegetables that cause bad breath after eating. But the important thing is that these vegetables which fill the breath with bad odor not only increase the immunity of our body but also make our lungs i.e. langs strong. Onions and garlic act as antioxidants and antifungal agents. Which do not allow the pollution particles, dust particles and bacteria, which have reached the lungs through the breath. This helps to keep the langs clean and safe.

8- अदरक की चाय
चाय का स्वाद अदरक के बिना अधूरा ही लगता है। इस स्वाद की तलब का असर यह है कि अब लोग गर्मियों में भी अदरक की चाय पीने की चाहत रखते हैं... 'बिल्कुल प्राण जाय पर शौक ना जाए' की तर्ज पर। लेकिन अदरक के फायदे जानकर इसके स्वाद की अहमियत आपके लिए और अधिक बढ़ जाएगी। अदरक में ऐंटीइंफ्लामेट्री एलिमेंट्स होते हैं, जो खान-पान या प्रदूषित हवा के कारण फेफड़ों तक पहुंचे हानिकारक तत्वों का असर खत्म कर देते हैं। इससे हमारे फेफड़े बिना किसी परेशानी के काम करते रहते हैं। 

8- Ginger tea
The taste of tea is incomplete without ginger. The effect of this taste is that now people want to drink ginger tea even in the summer… on the lines of 'Absolutely no pran jay but hobby na jaye'. But knowing the benefits of ginger, the importance of its taste will increase more for you. Ginger contains antiinflammatory elements, which eliminate the effects of harmful substances reaching the lungs due to food or polluted air. This keeps our lungs functioning without any trouble
.


9- डीटोक्सीफिकेशन 

हरड चूरन अथवा त्रिफला  चूरन ४ ग्राम रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ सेवन करे ।

9- Detoxification
Drink 4 grams of Hard Churan or Triphala Churan with lukewarm water before going to bed at night
.

 

10- ओमेगा थ्री फैटी एसिड
फैट या फैटी शब्द देखकर परेशान ना हों। हर फैटी चीज और फैट बुरा नहीं होता। फैटी एसिड एक ऐसा एलिमेंट है, जो हमारी फिटनेस और हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। यह हमें लंग्स में दिक्कत के कारण होनेवाली अस्थमा की बीमारी से भी बचाता है। ओमेगा थ्री फैटी एसिड के लिए आपको खासतौर पर सर्दियों में हरी फलियां, सेम की फली, दूध, पनीर, दही और अलसी के बीजों का सेवन करें।  

10-Omega Three Fatty Acids
Do not bother seeing the words Fat or Fatty. Not every fatty thing and fat is bad. Fatty acid is an element that is very important for our fitness and health. It also protects us from asthma disease caused by difficulty in langs. For omega three fatty acids, you should eat green beans, bean pods, milk, cottage cheese, yogurt and flaxseed seeds, especially in winter.

 

11- ब्रोकली का सेवन
ब्रोकली यानी हरे रंग की गोभी, फेफड़ों और सांस से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में बहुत अधिक मददगार है। अगर आप सर्दियो के मौसम में ब्रोकली का सेवन सही तरीके से करेंगे तो आपके लंग्स को कोई भी बीमारी छू नहीं पाएगी। आप हर रोज या हर दूसरे दिन ब्रोकली को अलग-अलग तरीके से खा सकते हैं। कभी सब्जी बनाकर, कभी सैलेड में तो कभी स्नैक्स के साथ। ऐसा करने से आप ब्रोकली खाकर बोर भी नहीं होंगे और आपकी सेहत भी बनी रहेगी।

11- Broccoli intake
Broccoli, ie green cabbage, is very helpful in removing lung and respiratory problems. If you consume broccoli properly during winter season, then your lang will not be able to touch any disease. You can eat broccoli in different ways everyday or every other day. Sometimes by making vegetables, sometimes in salad and sometimes with snacks. By doing this, you will not be bored by eating broccoli and your health will also remain.

12 - गाजर
गाजर हमारे फेफड़ों के लिए बिल्कुल वैसे काम करती है जैसे गले की खराश में अदरक। गाजर में ऐंटीइंफ्लामेट्री एलिमेंट्स के साथ ही विटमिन्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं। खासतौर पर विटमिन-ए और विटमिन-सी इसमें भरपूर मात्रा में होते हैं। इन विटमिन्स के कारण हमारे लंग्स हेल्दी रहते हैं और हमें सांस से जुड़ी तकलीफ नहीं होती है। आप गाजर को सलाद, सब्जी,हलवे या गाजर पाक के रूप में खा सकते हैं। गाजर का अचार और स्नैक्स भी ठीक रहते हैं। 

12 - Carrots
Carrot works for our lungs in the same way as ginger in a sore throat. Vitamins are also plentiful in carrots along with antiinflammatory elements. Vitmin-A and vitamin-C in particular are rich in it. Due to these vitamins, our langs remain healthy and we do not have breathlessness. You can eat carrots as a salad, vegetable, halwa or as a carrot dish. Carrot pickles and snacks are also good.

 

आयुर्वेदिक काढ़ा

1 व्यकित के लिए

1 कप पानी
4 चुटकी सौंठ
4 चुटकी हल्दी
7 तुलसी के पत्ते
5 काली मिर्च
सभी चीजों  को मिक्स करके 1 ग्लास पानी लेकर धीमी आंच पर काढ़ा बनाए जब 25% पानी बचे तब ठंडा होने पर छानकर पीए । सुबह शाम खाली पेट सेवन करे ।

Ayurvedic decoction

For 1 person


1 cup water
4 pinch ginger
4 pinch turmeric
7 basil leaves
5 black pepper
Mix everything and make a decoction on a low flame with 1 glass of water, when 25% water is left, then after cooling, sieve and drink. Drink on an empty stomach in the morning and evening.


2- स्टीम
दिन मे 3-4 बार स्टीम लिजिए ।
उसके लिए आधा चम्मच सौंठ,  अजवाइन 1 चम्मच व 10 पत्ते तुलसी के जरुरत के अनुसार पानी लेकर पांच मिनिट तक गरम करके फिर इनसे स्टीम लिजिए ।
2- Steam
Steam 3-4 times a day.
For this, after taking half a teaspoon of dry ginger, 1 teaspoon of celery and 10 leaves of basil as required, heat it for five minutes and then steam them.

 

3- पीने का पानी
1 लिटर पानी मे 1 चम्मच सोंठ मिलाकर पांच मिनिट तक धीमी आंच पर पकाए व ठंडा होने पर बोतल  मे भरकर रख लें ये पानी पुरे दिन पीए । इसमे अगर आप चाहें तो शहद भी 2 चम्मच डाल सकते है ।
3- Drinking water
Mix 1 teaspoon dry ginger in 1 liter of water, cook it on low flame for five minutes and keep it in the bottle after cooling, drink this water all day. You can also add 2 teaspoons of honey if you want.

4- धुप के लिए
नीम के पत्ते सुखे और  गुगुल का धुआं भी कर सकते है ।
4- for the sun
Neem leaves can also dry out and smoke guggul.

5- नस्य
सुबह नाहने के बाद अणु तैल या सरसो का तैल नाक मे डाले ।
5- Fusion
After bathing in the morning, pour the atom oil or mustard oil in the nose.


6- नाभी तैल
सरसों का तैल नाभी मे सुबह शाम 2-2 बूंद डाले और पांच मिनिट लेटे रहे ।

6- Oil oil
Add 2-2 drops of mustard oil in the morning and lie for five minutes.



Tuesday, April 27, 2021

Sure Ways /अचूक तरीके

 

एक बार जरूर पढ़े ना जाने किस समय काम आ जाए ! Once you do not know, at what time it will be useful!

अचूक  तरीके
1- गले में कुछ फँस जाए- तब केवल अपनी भुजाओं को ऊपर उठाएं
एक बच्चे की 56 वर्षीय दादी घर पर टेलीविज़न देखते हुए फल खा रही थी। जब वो अपना सर हिला रही थी तब अचानक एक फल का टुकड़ा उसके गले में फँस गया। उसने अपने सीने को बहुत दबाया पर कुछ भी फायदा नहीं हुआ।
जब बच्चे ने दादी को परेशान देखा तो उसने पूछा कि "दादी माँ क्या  आपके गले में कुछ फँस गया है?" वो कुछ भी उत्तर नहीं दे पाई।
"मुझे लगता है कि आपके गले में कुछ फँस गया है। अपने हाथ ऊपर करो, हाथ ऊपर करो" |
दादी माँ ने तुरंत अपने हाथ ऊपर कर दिए और वो जल्द ही फँसे हुए फल के टुकड़े को गले से बाहर थूकने में कामयाब हो गयी।
उसके पोते ने बताया कि ये बात उसने अपने विद्यालय में सीखी थी।

1- If something gets stuck in the throat - then just raise your arms up.
The 56-year-old grandmother of a child was eating fruit while watching television at home. When she was shaking her head, suddenly a piece of fruit got stuck in her neck. He pressed his chest very much but to no avail.
When the child saw Grandma upset, she asked "Grandmother, is something stuck in your throat?" She could not answer anything.
"I think something is stuck in your throat. Keep your hands up, hands up".
Grandmother immediately put her hands up and she soon managed to spit a piece of trapped fruit out of the throat.
His grandson told that he had learned this thing in his school.


2- सुबह उठते वक्त होने वाले शरीर के दर्द
क्या आपको सुबह उठते वक्त शरीर में दर्द होता है? क्या आपको सुबह उठते वक्त गर्दन में दर्द और अकड़न महसूस होती है? यदि आपको ये सब होता है तो आप क्या करें?
तब आप अपने पांव ऊपर उठाएं। अपने पांव के अंगूठे को बाहर की तरफ खेंचे और धीरे धीरे उसकी मालिश करें और Clock and anti clock vise घुमाएँ ।
2- Body ache occurring in the morning
Do you have body pain when you wake up in the morning? Do you feel neck pain and stiffness when you wake up in the morning? What do you do if you do all this?
Then you raise your feet. Keep your toe outward and gently massage it and rotate the clock and anti clock vise.

 

3- पांव में आने वाले बॉयटा या ऐठन
यदि आपके बाएँ पांव में बॉयटा आया है तो अपने दाएँ हाथ को जितना ऊपर उठा सकते हैं उठायें |
यदि ये बॉयटा आपके दाएँ पांव में आया है तो आप अपने बाएँ हाथ को जितना ऊपर ले जा सकते हैं ले जायें। इससे आपको तुरंत आराम आएगा।
3- Boyata or spasms in the foot
If you have a boy in your left foot, raise your right hand as high as you can.
If this boy has come in your right foot, then move your left hand as high as you can. This will give you instant relief.


4- पांव का सुन्न होना
यदि आपका बायां पांव सुन्न होता है तो अपने दाएं हाथ को जोर से बाहर की ओर झुलायें या झटके दें। यदि आपका दायां पांव सुन्न है तो अपने बाऐं हाथ को जोर से बाहर की ओर झुलायें या झटका दें।
4- Numbness of feet
If your left foot is numb, tilt your right hand outward or jerk it out. If your right foot is numb, tilt your left hand outward or jerk it out.


5- आधे शरीर में लकवा
एक सिलाई की सुई लेकर तुरन्त ही कानों की लोलिका के सबसे नीचे वाले भाग में सुई चुभा कर एक एक बूंद खून निकालें | इससे रोगी को तुरंत आराम आ जायेगा। उस पर से सब पक्षाघात के लक्षण भी मिट जायेंगे।
5- Half body paralysis
Immediately take a sewing needle and pierce the needle at the bottom of the ear ring to remove one drop of blood. This will bring relief to the patient immediately. All paralysis symptoms will also disappear from him.

 
6- ह्रदय आघात की वजह से हृदय का रुकना
ऐसे व्यक्ति के पांव से जुराबें उतार कर (यदि पहनी है तो) सुई से उसकी दसों पांव की उंगलियों में सुई चुभो कर एक एक बूंद रक्त की निकालें | इससे रोगी तुरन्त उठ जाएगा।
6- Heart failure due to heart attack
By removing the socks from the feet of such a person (if worn), prick the needle in his ten toes with a drop of blood. This will wake up the patient immediately.


7- यदि रोगी को सांस लेने में तकलीफ हो
चाहे ये दमा से हो या ध्वनि तंत्र की सूजन की वजह या और कोई कारण हो, जब तक कि रोगी का चेहरा सांस न ले पाने की वजह से लाल हो उसके नासिका के अग्रभाग पर सुई से छिद्र कर दो बून्द काला रक्त निकाल दें |
7- If the patient has trouble breathing
Whether it is from asthma or due to inflammation of the sound system or any other reason, until the patient's face is red due to inhalation, two needles are perforated on the forehead of his nasal cavity to remove black blood.

8- दस्त और मोटापा छूमंतर
लगभग हर आदमी साल छः महीने में एक बार तो लूज मोशन का शिकार होता ही है तो अब ऐसे मौके पर आपको बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है और ना ही डॉक्टर के पास जाकर एक रूपए भी खर्च करने की जरूरत है। ये बेहद आसान सा तरीका है. इसको करने से आपका लूज़ मोशन तो रुकेंगे ही अगर आप इसको लगातार करेंगे तो आपका मोटापा भी कम होगा. आइये जाने.
जब भी आपको दस्त, लूज मोशन या अतिसार हो आप बस बार बार अपने दोनों हाथों की उँगलियों को मुट्ठी की तरह खोलने बंद करने लगिए और केवल बस यही काम करने भर से आप की दस्त में आपको पक्का आराम मिलने लगेगा।
इससे हाथों और कंधों के सभी विकार दूर तथा शरीर की चर्बी गल कर बाहर निकलेगी जिससे मोटापा हो जायेगा छूमंतर।
असल में बार बार हाथ की उँगलियों को मुट्ठी की तरह खोलना बंद करना एक तरह की योग मुद्रा है जिसका वर्णन हठ योग में आता है ! यह एक एक्यूप्रेसर थेरेपी है।
कभी भी दस्त हो कैसी भी स्थिति हो तो इमरजेंसी में अगली बार इस प्रयोग को करना ना भूलें.
 
8- Diarrhea and obesity
Almost every person is a victim of loose motion once in six months of the year, so now you do not need to panic at such an occasion, nor do you need to spend a rupee by going to the doctor. This is a very easy way. By doing this, your loose motion will stop, if you do it continuously, then your obesity will also be reduced. Let's know
Whenever you have diarrhea, loose motion or diarrhea, you simply stop opening the fingers of both your hands like a fist and doing just this thing will give you a good rest in your diarrhea.
With this, all the disorders of hands and shoulders will be removed and body fat will be melted and come out, which will lead to obesity.
In fact, repeatedly closing the fingers of the hand like a fist is a kind of yoga posture described in Hatha Yoga! It is an acupressure therapy.
If ever there is any condition in diarrhea, then do not forget to use this next time in emergency.
 
9- EMERGENCY ACUPRESSURE TREATMENT
 
औक्सीजन की कमी-
यदि किसी व्यक्ति को उचित वेंटीलेशन की कमी के कारण या एक भीड़ भरे या बंद स्थान में घुटन महसूस हो रही हैं और सांस लेने में कठिनाई हो रही हैं, तब Lu 4 बिंदु दबाकर, उसे अतिरिक्त ऑक्सीजन प्राप्त होती है। यह बिंदु नाक की टिप से हाथ को छूकर प्राप्त किया जा सकता है। अर्थात् जहां नाक की नोक हाथ को (हाथ सीधी अवस्था मे रखें) छुती है वहां यह बिंदु है। बिंदु पर दबाव हाथ के अंगूठे या अंगुलियों के द्धारा दिया जा सकता है।
डिसक्लेमर : जब तक कि आपके पास चिकित्सा सहायता नहीं है उस स्थिति में यह आपातकालीन बिंदु इस्तेमाल किया जा सकता है। डॉक्टर आपके स्वास्थ्य और जीवन के लिए सर्वश्रेष्ठ है जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से संपर्क करें।
 
9- EMERGENCY ACUPRESSURE TREATMENT
Lack of oxygen-
If a person is feeling suffocated due to lack of proper ventilation or in a crowded or closed space and has difficulty breathing, then by pressing the Lu 4 point, he receives additional oxygen. This point can be obtained by touching the hand from the tip of the nose. That is, where the tip of the nose touches the hand (keep the hand upright) there is this point. Pressure on the point may be given by the thumb or fingers of the hand.
Disclaimer: This emergency point can be used unless you have medical help. The doctor is best for your health and life. Contact the doctor as soon as possible.

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